November 19, 2007

वीडियोकास्ट : सत्यप्रसन्न के दोहे

सत्यप्रसन्न के चंद दोहे रचनाकार पर आपने यहाँ पढ़े.

इनका सस्वर पाठ नीचे दिए गए वीडियो में आप देख-सुन सकते हैं.

 

आप स्वयं अपनी रचनाओं को सस्वर पाठ में रचनाकार पर प्रकाशित-प्रसारित कर सकते हैं. बस अपना वीडियो रेकॉर्ड करवाइए (स्थानीय स्तर पर वीडियोग्राफ़ी करने वालों से या अपने स्वयं के या मित्रों के वीडियो रेकार्डर युक्त डिजिटल कैमरे से) और उसकी सीडी रचनाकार को भेज दीजिए. बस. ध्यान दें कि रचनाएँ 10 मिनट से अधिक बड़ी न हों. आप अपने आसपास के कविसम्मेलनों, साहित्य-चर्चा इत्यादि के वीडियो भी भेज सकते हैं. सीडी भेजने का पता बाजू पट्टी में दिया गया है.

1 टिप्पणियाँ.:

Anish said...

सुन्दर है.
धुप के माध्यम से बहुत कुच्ह बतया है.
आवनीश तिवरी

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं....

रचनाकार में प्रकाशनार्थ हर विधा की रचनाओं का स्वागत है. अपनी या अपने रचनाकार मित्रों की रचनाएँ हिन्दी के किसी भी फ़ॉन्ट यथा - कृतिदेव, डेवलिस, श्रीलिपि, शुषा, वेबदुनिया, जिस्ट-आईएसएम, लीप या किसी भी अन्य फ़ॉन्ट में पेजमेकर या एमएस वर्ड फ़ाइल के रूप में अपनी रचना ई-मेल के जरिए rachanakar ऍट gmail डॉट com .के पते पर भेजें. विस्तृत जानकारी बाजू पट्टी में देखें. आप अपनी रचनाओं के सस्वर ऑडियो/वीडियो पाठ की सीडी भी प्रकाशनार्थ भेज सकते हैं जिन्हें कुछ इस तरह [ देखने के लिए इस कड़ी/लिंक पर क्लिक करें] प्रकाशित किया जा सकेगा. ......................