Online TransLiteration powered by Girgit.Chitthajagat.in, of http://rachanakar.blogspot.com/ Disclaimer
You may also see this page in Bangla, Devanagari, Gujarati, Gurmukhi, Kannada, Malayalam, Oriya, Roman(eng), Tamil, Telugu

May 13, 2008

सी आर राजश्री की कविता


भ्रष्टाचार

-सी आर राजश्री



समाज में नया पौधा है उग आया,
बिन देखभाल, बिन पानी के जो विराट हो चला,
सब चुपचाप उसे उगता देखते ही रहे,
कोई उसे आज तक काट नहीं है पाया।
जडे़ उसका बहुत मजबूत हो गई,
जो हर जगह है हाहाकार कर रही,
अपनी छाया में सबको है जो समेट रही,
न है हिम्मत किसी में आज उसे रोकने की,
क्या है इस पेड़ का नाम,
हम सभी है परिचित, न है ये बेनाम,
पेड़ के रूप में है ये, एक विकार,
नाम है इस पेड़ का भ्रष्टाचार।
माना कि पेड़ भले लगते हैं,
स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं,
पर ऐसे पेड़ किस काम का ,
जो जहरीले और हानिकारक होते हैं।
काटना ही है, तो काटो, भ्रष्टाचार रूपी इस पेड़ को,
जो फैला हुआ है इस सुन्दर धरती के आँचल में,
न होने देंगे अब इसे और फलित-फूलित,
काट ड़ालें इस पेड़ को जो कर रहा मानवता को प्रदूषित।
भ्रष्टाचार के इस विशाल पेड़ को जड़ से है हमें उखाड़ना,
कठिन है यह काम यारों पर न हिम्मत अपनी हारना,
है ये कसूर हमारा जो किया हमने इसे अनदेखा,
क्यों न इसे तब ही उखाड़ा जब ये था पौधे के जैसा।
अब इस विराट पेड़ को काटना है तो मुश्किल,
पर इस काम मुश्किल को मुमकिन हमें बनाना है,
मिलकर करने से हर काम होगा अव”य आसान,
मानवता के खातिर आओ प्रण करें, न बनेगें हम हैवान।
----

सी.आर.राजश्री, कोयम्बतूर स्थित महाविद्यालय में हिन्दी की व्याख्याता हैं.

0 टिप्पणियाँ.:

Post a Comment

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले)की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं....

रचनाकार में प्रकाशनार्थ हर विधा की रचनाओं का स्वागत है. अपनी या अपने रचनाकार मित्रों की रचनाएँ हिन्दी के किसी भी फ़ॉन्ट यथा - कृतिदेव, डेवलिस, श्रीलिपि, शुषा, वेबदुनिया, जिस्ट-आईएसएम, लीप या किसी भी अन्य फ़ॉन्ट में पेजमेकर या एमएस वर्ड फ़ाइल के रूप में अपनी रचना ई-मेल के जरिए rachanakar@gmail.com .के पते पर भेजें. विस्तृत जानकारी बाजू पट्टी में देखें. आप अपनी रचनाओं के सस्वर ऑडियो/वीडियो पाठ की सीडी भी प्रकाशनार्थ भेज सकते हैं जिन्हें कुछ इस तरह [ देखने के लिए इस कड़ी/लिंक पर क्लिक करें] प्रकाशित किया जा सकेगा. ......................