February 28, 2008

विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में भारत भवन लन्दन द्वारा हिन्दी विद्वानों का सम्मान



यह सभी उपस्थित जनों के लिये एक विशेष अनुभव रहा होगा क्यों कि भारतीय उच्चायोग लंदन, यू.के. में कार्यरत हिन्दी विद्वानों का सम्मान कर रहा था। यह अपने आप में एक अनूठा कदम है।

इन सम्मानों की घोषणा विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में की गई थी जो कि 10 जनवरी को विश्व भर में मनाया जाता है। इन सम्मानों की शुऱूआत वर्ष 2006 से की गई थी। इस योजना के अंतर्गत मानपत्र एवं शॉल पहनाने का काम मंत्री-समन्वय श्री रजत बागची ने स्वयं किया।

हिन्दी के जाने माने कथाकार श्री तेजेन्द्र शर्मा को इस कार्यक्रम में डा. हरिवंश राय बच्चन सम्मान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष तेजेन्द्र शर्मा का कहानी संकलन बेघर आंखे, कविता संग्रह ये घर तुम्हारा है एवं अंग्रेज़ी की पुस्तक ब्लैक एण्ड व्हाइट का प्रकाशन हुआ था। इस के साथ साथ तेजेन्द्र शर्मा के तीन अनुवादित संकलन उर्दू, नेपाली एवं पंजाबी भाषाओं में प्रकाशित हुए। उन्हें भारत में संकल्प सम्मान एवं तितली पत्रिका सम्मानों से भी नवाज़ा गया। तेजेन्द्र शर्मा कथा यू.के. एवं फ़िल संस्था के महासचिव भी हैं।

 

इसी कार्यक्रम में हि‍न्‍दी के शि‍क्षक श्री वेद मि‍त्र मोहला को जॉन गि‍लक्रि‍स्‍ट यू के हि‍न्‍दी शि‍क्षण सम्‍मान से नवाज़ा गया। आचार्य महावीर प्रसाद द्वि‍वेदी यू के हि‍न्‍दी पत्रकारि‍ता सम्‍मान 05 नवम्‍बर, 1989 से अपने हि‍न्‍दी प्रसारण के माध्‍यम से दक्षि‍ण एशि‍याई श्रोताओं में अति‍ लोकप्रि‍यता प्राप्‍त करने वाले सनराइज रेडि‍यो को दिया गया। फ्रेडरि‍क पि‍न्‍काट यू के हि‍न्‍दी प्रचार प्रसार सम्‍मान : लन्‍दन की यू के हि‍न्‍दी समि‍ति को प्रदान किया गया।

इसी अवसर पर सोआस में कार्यरत डा. फ़्रैंचेस्का

(बांए से नैना शर्मा, तेजेन्द्र शर्मा, श्री रजत बागची, डा. निखिल कौशिक, राकेश दुबे)

ऑरसीनी का भी सम्मान किया गया। विश्व हिन्दी सम्मेलन, न्युयॉर्क के दौरान डा. ऑर्सीनी, भारत में अपने शोध कार्य के चलते, सम्मान ग्रहण करने के लिये नहीं पहुंच पाईं थीं। श्री रजत बागची ने उन्हें उनका सम्मान भारत सरकार की ओर से इस अवसर पर भारत भवन में प्रदान किया।

भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों के बच्चों को उनकी हिन्दी उपलब्धियों के लिये प्रथम सचिव संस्कृति श्री राजेश श्रीवास्तव ने पुरस्कार प्रदान किये।

यू.के. में हिन्द लेखकों को पुस्तकें प्रकाशित करवाने में सहायता प्रदान करने के लिये पिछले वर्ष डा. लक्ष्मीमल सिंघवी यू.के. हिन्दी प्रकाशन सहायता योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना को विदेश मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है। इस योजना के तहत प्रकाशन सहायता के तौर पर श्री मोहन राणा (बाथ) एवं श्रीमती स्वर्ण तलवार को बीस बीस हज़ार रुपये की राशि प्रदान की गई।

ग्रेट ब्रिटेन हिन्दी लेखक संघ की स्थापना की घोषणा भी इसी कार्यक्रम में की गई। यह संस्था यू.के. के हिन्दी लेखकों को एकजुट होने में सहायता प्रदान करेगी।

इस कार्यक्रम में अन्य लोगों के अतिरिक्त काउंसलर ज़कीया ज़ुबैरी, श्री इस्माइल चुनारा, डा. कृष्ण कुमार, श्री प्राण शर्मा, श्री नरेश भारतीय, श्री इन्दर स्याल, तनवीर अख़तर, दिव्या माथुर, जय वर्मा, डा. निखिल कौशिक, आदि भी उपस्थित थे।

 

(प्रस्तुति : तेजेन्द्र शर्मा)

1 टिप्पणियाँ.:

Udan Tashtari said...

तेजेन्द्र शर्मा जी को बधाई.

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