श्रेष्ठ हिन्दी साहित्य की कुछ श्रेष्ठ ई-पुस्तकें
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# अद्यतन दि. 4 अप्रैल 2008 - शम्भू नाथ का कविता संग्रह
# अद्यतन - दि. 8 फ़रवरी 2008 को प्रकाशित ई-बुक डाउनलोड कड़ी-
असग़र वजाहत का उपन्यास - गरजत बरसत
# अद्यतन - दि. 15 अक्तूबर 2007 को प्रकाशित ई-बुक डाउनलोड कड़ी-
पीडीएफ़ ई-बुक - मनोज नगरकर की चुनिंदा 59 ग़ज़लें - उतार सके अन्यथा सचमुच मेरे जज्बात
रचनाकार पर समय समय पर पीडीएफ ई-बुक प्रकाशित की जाती हैं. इनकी डाउनलोड कड़ियाँ तथा अन्य ई-बुक की कड़ियाँ आप यहाँ पाएंगे. यदि आपको कोई अच्छी हिन्दी किताबों की ई-बुक की कड़ी मिलती है तो कृपया टिप्पणी में जोड़ कर हम सब को बताएँ.
रचनाकार के जरिए अब तक प्रकाशित ई-बुक की कड़ियाँ :
1 आंखन देखी - अमरीका यात्रा संस्मरण : दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
2 असग़र वजाहत का ईरान यात्रा संस्मरण
3 अंतरा करवड़े की लघुकथाएँ - देन
4 असग़र वजाहत का कहानी संग्रह - मैं हिन्दू हूँ
5 1001 हिन्दी चुटकुले
6 - मृत्युबोध - जीवनबोध - डॉ. महेन्द्र भटनागर का कविता संग्रह
7 - 1001 सुभाषित सुविचार अनमोल वचन - संग्रह अनुनाद द्वारा
8 मनोज नगरकर का ग़जल संग्रह
9 असग़र वजाहत का उपन्यास - गरजत बरसत
10 महेंद्र भटनागर का काव्य संग्रह आहत युग
11 मोती लाल का काव्य संग्रह खाई के परे
12 सोमेश शेखर चंद्र का उपन्यास तब और अब
ई-स्निप एक ऑनलाइन सेवा है जिसमें आप अपनी 1 गीबा तक की फ़ाइलों को मुफ़्त में रख सकते हैं व उन्हें साझा कर सकते हैं. यहां पर हिन्दी साहित्य नाम से एक खंड भुवनेश शर्मा (bhuvnesh.ad AT gmail.com) ने बनाया है जहाँ पर उन्होंने बड़े ही श्रम से श्रेष्ठ हिन्दी साहित्य के कुछ प्रकाशनों को ई-पुस्तकों के रूप में रखा है. ई-स्निप पर बिना पंजीकृत किए कोई भी एक समय में एक ई-पुस्तक डाउनलोड कर पढ़ सकता है. पंजीकृत उपयोक्ता कितनी ही फ़ाइलों को डाउनलोड कर सकता है तथा 1 गीबा तक की सीमा में फ़ाइलों को मुफ़्त अपलोड भी कर सकता है. ई-स्निप के हिन्दी साहित्य खंड पर उपलब्ध अभी करीब 25 ई-पुस्तकें हैं जो कि हिन्दी में पीडीएफ़ फ़ॉर्मेट में हैं जिसे आप अपने कम्प्यूटर पर पीडीएफ़ रीडर की सहायता से मॉनीटर पर या प्रिंटआउट लेकर भी पढ़ सकते हैं.
वर्तमान में ई-स्निप हिन्दी साहित्य पर निम्नलिखित ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं:
- गांधी और गांधी वाद - 1.4 मेबा
- शेखर एक जीवनी - अज्ञेय - 8.8 मेबा
- हरिशंकर परसाईं की व्यंग्य रचनाएँ - 519 किबा
- ग़ालिब - 229 किबा
- द मैसेज गिवन बाई एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल (हिन्दी) - 591 किबा
- एक गधे की वापसी - कृशन चंदर - 120 किबा
- कामायनी - जयशंकर प्रसाद - 615 किबा
- रहीम के दोहे - 201 किबा
- कबीर के दोहे - 279 किबा
- मधुशाला - हरिवंश राय बच्चन - 112 किबा
- कनुप्रिया - धर्मवीर भारती - 70 किबा
- आनंद मठ - बंकिम चंद्र चटर्जी - 506 किबा
- अंधायुग - धर्मवीर भारती - 287 किबा
- प्रेमचंद साहित्य - 2.0 मेबा
- कुरूक्षेत्र - रामधारी सिंह दिनकर - 260 किबा
- हल्दीघाटी - श्यामनारायण पांडे - 283 किबा
- राम की शक्ति पूजा - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला - 72 किबा
- तरकश - जावेद अख्तर - 804 किबा
- देवदास - शरत् चन्द्र - 431 किबा
- टोबा टेक सिंह - सआदत हसन मण्टो - 102 किबा
- एबीसीडी - उपन्यास - 455 किबा
- कोठेवाली - स्वदेश राणा - 420 किबा
- गोदान - प्रेमचंद - 3.5 मेबा
- भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कहानियाँ - 1.6 मेबा
- श्रेष्ठ लेखकों की कहानियाँ - 2.2 मेबा
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Tag ई-बुक,ई-पुस्तक,हिन्दी,साहित्य









9 टिप्पणियाँ.:
भुवनेश के इस परिश्रम से मै पहले से वाकिफ हुँ...
भुवनेश ने जो कार्य किया है, वो तारीफ के काबिल है.
भुवनेश भाई को बहुत साधुवाद.
भुवनेश का प्रयास बेहद सराहनीय है.
मैं कल ही ओरकुट पर घूमता हुआ यहाँ पहुंच गया था...वाकई बडा अच्छा संकलन है ।
भुवनेश जी को साधुवाद ।
अगर कोई हिंदी सम्मान या पुरस्कार पाने का सच्चा हक़दार है तो भुवनेश जी हैं, न्यूयॉर्क वाले सम्मेलन में उन्हें निश्चित तौर पर नहीं बुलाया गया होगा. कोई पूछने वाला नहीं है कि भइये, इतनी मेहनत कर रहे हो, बदले में क्या मिल रहा है. हम तो किताब पढ़के सराहना करके कट लेंगे, लेकिन राजभाषा विभाग टाइप के सफ़ेद हाथी भुवनेश जी का कुछ तो ख्याल करें.
bahut acchi jankari hai... aap iske liye prasansha ke patra hain ... angregi ke bare bhi kuch aisi jankari ho jaye .. aur kuch free ebooks download ka bhi to maza aa jaye....
वाह दिल खुश हो गया ।
अब पढ़ना शुरू होगा ।
किसी किसी किताब को पहली बार ।
और कईयों को बार बार ।
काफी सराहनीय प्रयास है। जब कभी ई बुक की बात होगी आपका नाम जरूर आएगा। आपके प्रयास के लिए धन्यवाद।
सराहनीय प्रयास
बहुत सराहनीय कार्य किया है आपने ........
डा० जगदीश व्योम